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27वें फाउंडेशन डे पर सूर्यदत्त राष्ट्रीय जीवनगौरव और सूर्यदत्त राष्ट्रीय पुरस्कार का वितरण

सूर्यदत्त संस्था में अच्छे नागरिक बनाने का कार्य हाे रहा : डाॅ आचार्य लाेकेशमुनिजी

27वें फाउंडेशन डे पर सूर्यदत्त राष्ट्रीय जीवनगौरव और सूर्यदत्त राष्ट्रीय पुरस्कार का वितर

डॉ संजय जोशी, केसरिया हिंदुस्तान ब्यूरो

पुणे। अहिंसा विश्वभारती के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. आचार्य लोकेशमुनिजी ने सूर्यदत्त एज्युकेशन फाउंडेशन के 27वें स्थापना दिवस पर 23वें ‘सूर्यदत्त राष्ट्रीय जीवनगौरव पुरस्कार’ और सूर्यदत्त राष्ट्रीय पुरस्कार’ वितरण समारोह में बतौर मुख्य वक्ता कहा कि इतिहास उज्जवल कार्यों से लिखा जाता है। त्याग, बलिदान और समर्पण भाव से कार्य करने वाले प्रतिभाशाली व्यक्तियों को सम्मानित करके समाज के सामने आदर्श रखने वाली ‘सूर्यदत्त’ संस्था का सम्मान समारोह एक प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि यहां निश्चित ही भविष्य के अच्छे नागरिक बनाने का कार्य हो रहा है। देश की प्रगति के पंख वाली युवा पीढ़ी को दिशा देने का कार्य ‘सूर्यदत्त’ संस्था और चोरडिया दंपति कर रहे हैं।
बाणेर स्थित बंटारा भवन में आयोजित समारोह में परमवीरचक्र विजेता सूबेदार मेजर संजय कुमार, ज्येष्ठ मूर्तिशास्त्र अभ्यासक डॉ. गो. बं. देगलूरकर, बाॅलीवुड अभिनेताद्वय रज़ा मुराद, सचिन पिळगावकर, ज्येष्ठ अभिनेत्री जया प्रदा, सिस्टर लुसि कुरियन, लेफ्टनंट जनरल अशोक आंब्रे, संगीतकार अबू मलिक, सूर्यदत्त एज्युकेशन फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. डॉ संजय बी. चोरडिया, उपाध्यक्ष सुषमा चोरडिया, सहयोगी उपाध्यक्ष स्नेहल नवलखा, डॉ. किमया गांधी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी अक्षित कुशल सहित सूर्यदत्त’ के सभी विभागों के संचालक, प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी, विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

 

इन्हें मिला सम्मान और पुरस्कार..

कार्यक्रम में आचार्य डॉ. लोकेशमुनिजी को ‘सूर्यभूषण ग्लोबल पीस अवॉर्ड 2025’ से सम्मानित किया गया। इस वर्ष का ‘सूर्यदत्त राष्ट्रीय जीवनगौरव पुरस्कार’ परमवीरचक्र विजेता सूबेदार मेजर संजय कुमार, ज्येष्ठ मूर्तीशास्त्र अभ्यासक डॉ. गो.बं. देगलूरकर, प्रसिद्ध अभिनेता सचिन पिळगावकर, अवकाश शास्त्रज्ञ डॉ. नरेंद्र भंडारी, सामाजिक कार्यकर्ता व साहित्यिक सीए डॉ. अशोककुमार पगारिया, नीलकंठ ज्वेलर्स के दिलबागसिंह बीर, वैद्यकीय सामाजिक सेवा प्रदान करने वाले डॉ. सदानंद राऊत, उद्योजक मयूर वोरा, मयूर शाह को, जबकि ‘सूर्यदत्त राष्ट्रीय पुरस्कार’ पर्यावरणविद पद्मश्री चैतराम पवार, पूर्व सांसद व ज्येष्ठ अभिनेत्री जया प्रदा, अभिनेत्री स्मिता जयकर, क्रस्ना डायग्नोस्टिक के राजेंद्र मुथा, वैश्विक व्यापार विशेषज्ञ सागर चोरडिया, सहकार विशेषज्ञ डॉ. शिवाजीराव डोले, प्रेरक वक्ता राहुल कपूर जैन, उद्योजक इंद्रनील चितळे, सामाजिक कार्यकर्ता किशोर खाबिया, कृषि उद्योजक सुनील वाघमोडे को, जबकि ‘सूर्यदत्त नॅशनल यंग अचिव्हर अवॉर्ड’ स्टार्टअप और उद्यमिता के लिए जैनम और जीविका जैन को सम्मान प्रदान किया गया। ‘सूर्यदत्त’ के छात्रों द्वारा बनाए गए खास उपरणे, मानचिन्ह और मानपत्र देकर पुरस्कार्थीना सम्मानित किया गया।

पुरस्कार भारतीय सेना को समर्पित..

डॉ. गो.बं. देगलूरकर ने कहा, यह कार्यक्रम बहुत ही अच्छा है, सूर्यदत्त शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित संस्था है। ‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’ इस ध्येय पर यह संस्था काम करती है। उन्होंने कहा कि अंतिम सांस तक ज्ञान प्राप्त करते रहना चाहिए। समाज के अच्छे लोगों को ढूंढकर उन्हें सम्मानित करने का काम चोरडिया दंपति निर्मल मन से कर रहे हैं। सचिन पिळगावकर ने कहा, जीवन में ईश्वर और दर्शकों का आशीर्वाद भरपूर मिला। दर्शकों को लगातार कुछ नया, मनोरंजन करने वाला देने की भावना से काम करता आया हूं। नए निर्माताओं को सहयोग करने की मेरी भावना है। वे बोले, स्त्री पुरुष से श्रेष्ठ होती है। अपनी माता, पत्नी, बेटी का बहुत योगदान होता है। सूर्यदत्त इन्स्टिट्यूट्स से आदर्श पीढ़ी बनाने का काम हो रहा है। यह पुरस्कार भारतीय सेना को समर्पित करता हूं। इस दौरान सूबेदार मेजर संजय कुमार ने कहा, देश में विद्यार्थियों के मन में राष्ट्रभक्ति का, ज्ञान का दीपक जलाने का काम सूर्यदत्त संस्था कर रही है। शिक्षा जीवन में आने वाली कठिनाइयों पर काबू पाने के लिए उपयोगी होती है। यह सम्मान मेरा अकेला नहीं, बल्कि सैन्य दल के मेरे प्रत्येक सहकर्मी का है। देश के लिए हमेशा समर्पित भावना रखनी चाहिए।
लूसी कुरियन ने कहा, समाज के अनाथों के लिए काम करने की प्रेरणा मिली। माहेर संस्था से आज सैकड़ों विद्यार्थी बने, इसका आनंद है। इस कार्य में कई अच्छे लोगों का साथ मिलता है। इस दौरान रज़ा मुराद ने कहा, सूर्यदत्त संस्था विद्यार्थियों की जड़ें हैं। माता-पिता बहुत परिश्रम करके आपको पढ़ाते हैं। इसलिए आपको बनाने वाले माता-पिता, शिक्षा संस्था को कभी नहीं भूलना चाहिए। भारतीय संस्कार, मूल्य बहुत महान हैं। इन मूल्यों और संस्कारों की शिक्षा इस संस्था में दी जाती है। इसलिए भविष्य की पीढ़ी अच्छी बनेगी इसमें कोई संदेह नहीं है।
जया प्रदा ने कहा, समाज में सेवा करने का अवसर मिले तो छोड़ना नहीं चाहिए। तेरह वर्ष की अवस्था में चित्रपट जगत में आई थी। चित्रपट जगत और राजनीति से समाज की सेवा करने का संतोष है। पद्मश्री चैतराम पवार ने जंगल, जल, जमीन, जन और पशुधन का महत्व बताया। राहुल कपूर जैन ने प्रेरक वक्तव्य से उपस्थित लोगों को प्रभावित किया। इंद्रनील चितळे ने टीम वर्क, चुनौतीपूर्ण भूमिका निभाने की तैयारी जरूरी बताई।

पुरस्कार प्रेरणा और ऊर्जा देने वाला..

इससे पूर्व स्वागत वक्तव्य में प्रो. डॉ. संजय बी. चोरडिया ने कहा कि यह पुरस्कार समारोह छात्रों को प्रेरणा और ऊर्जा देने वाला है। दीपस्तंभ की तरह कार्य करने वाले समाज के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तियों को पिछले तेईस वर्षों से सूर्यदत्त जीवनगौरव और सूर्यदत्त राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। सभी के लिए सर्वांगीण विकास की शिक्षा इस ध्येय को लेकर सूर्यदत्त पिछले 27 वर्षों से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि विभिन्न उपक्रमों के माध्यम से छात्रों के व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा दिया जाता है। सीए अशोककुमार पगारिया, राजेंद्र मुथा ने भी विचार व्यक्त किए। सभी मान्यवरों ने पुरस्कार प्राप्त व्यक्तियों की प्रशंसा की और सूर्यदत्त संस्था के कार्यों को शुभकामनाएं दी। डॉ. श्वेता राठोड-कटारिया ने संचालन किया। स्नेहल नवलखा ने सभी का आभार जताया।

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